Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
दूसरा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ उस सामान या सतह के संपरà¥à¤• में आने के बाद अपने मà¥à¤‚ह, नाक या आंख को छूने से à¤à¥€ कोविड-19 से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकता है। लोग संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के खांसने या सांस छोड़ने से निकली बूंदों को सांस के जरिठअंदर लेने से à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकते हैं। इसलिठयह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से 3-6 फीट या 1-2 मीटर दूर रहा जाà¤à¥¤
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° रोगाणॠमनà¥à¤·à¥à¤¯ के लिठहानिरहित हैं। कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के रोगाणॠजैसे à¤à¥‹à¤œà¤¨ पचाने में हमारी सहायता करने वाले हमें लाठà¤à¥€ पहà¥à¤‚चाते हैं। परंतॠरोगाणà¥à¤“ं के बारे में यह जानकारी होने का महतà¥à¤µ है कि वे आपके घर में कैसे फैलते हैं - विशेषकर इसलिठकि कà¥à¤› साधारण सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ के कदमों से हम उनके पनपने को काबू में कर सकते हैं।
रोगाणॠ(या रोगजनक, जैसा उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¤à¥€-कà¤à¥€ कहा जाता है) सूकà¥à¤·à¥à¤® जीव होते हैं जो यदि हमारे शरीर में दाखिल हो जाà¤à¤‚ तो बीमारी और संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा कर सकते हैं।
सबसे साधारण पà¥à¤°à¤•ार हैं:
बैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (जैसे सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ की विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ पैदा कर सकता है)
विषाणॠ(जैसे राइनोवायरस जो आम सरà¥à¤¦à¥€ का कारण बनता है)
कवक (जैसे टà¥à¤°à¤¿à¤•ोफाइटोन जो à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ फà¥à¤Ÿ का कारण बन सकता है)
परजीवी (जैसे जियारिडिया इंटेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤¸ जो दसà¥à¤¤ का कारण बन सकता है)
रोगाणॠकैसे फैलते हैं
आपके घर में जहां à¤à¥€ गरà¥à¤®à¥€ और नमी है वहीं रोगाणॠऔर कवक पनप सकते हैं। परंतॠविषाणॠअलग होते हैं। रोगाणॠसे आकार में सौ गà¥à¤¨à¤¾ तक छोटे विषाणॠको बढ़ने के लिठà¤à¤• जीवित पोषक के à¤à¥€à¤¤à¤° रहने की जरूरत होती है। इसी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से वे बीमारी का कारण बनते हैं।
रोगाणॠलोगों के हाथों, आमतौर पर संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ लोगों या सतह को छूने से घर में चारों ओर फैल सकता है। रोगाणॠहवा में छोटे धूल कणों पर या हमारे मà¥à¤‚ह और नाक से खांसी, छींक या बातचीत के दौरान निकली पानी की बूंदों पर यातà¥à¤°à¤¾ कर सकते हैं।
घर में रोगाणà¥à¤“ं के साधारण सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं:
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ और पानी।
नियमित रूप से छà¥à¤ˆ जाने वाली सतहें जैसे दरवाजे के हतà¥à¤¥à¥‡, नल, टेलीविजन के रिमोट और टेलीफोन।
सफाई और कचरे के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° जैसे कूड़ादान, हौदी और शौचालय।
घरेलू कचरा जैसे उपयोग किया या खराब à¤à¥‹à¤œà¤¨, इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² हà¥à¤† रà¥à¤®à¤¾à¤² और गंदे लंगोट।
सफाई की वसà¥à¤¤à¥ जैसे सफाई के कपड़े, सà¥à¤ªà¤‚ज और गंदे टूथबà¥à¤°à¤¶à¥¤
पालतू और दूसरे जानवर जैसे चूहे और मकà¥à¤–ियां।
अनà¥à¤¯ लोग।
रोगाणॠशरीर में कैसे पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं
वे दूषित à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ खाठजा सकते हैं।
नाक और मà¥à¤‚ह के माधà¥à¤¯à¤® से सांस लेते समय हवा में मौजूद रोगाणॠफेफड़ों में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर सकते हैं।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर मौजूद रोगाणॠअनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ चोट या घाव के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर सकते हैं।
वे इंजेकà¥à¤¶à¤¨, शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ अथवा जानवर या कीड़े के काटने से हमारे रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में दाखिल हो सकते हैं।
अंतत: हमारे शरीर के तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में मौजूद कà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ रोगाणà¥à¤“ं को हम शारीरिक संपरà¥à¤• के माधà¥à¤¯à¤® से दूसरों को पारित कर सकते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |